Bhulekh Portal 2026 – ऑनलाइन जमीन रिकॉर्ड, खतौनी, खसरा नंबर और भू-नक्शा

भारत में जमीन से जुड़ी जानकारी हमेशा से आम नागरिकों के लिए जटिल रही है। खतौनी, खसरा नंबर, जमाबंदी, 7/12, पट्टा या जमीन का नक्शा देखने के लिए पहले तहसील, लेखपाल या पटवारी के पास जाना पड़ता था। कई बार सही जानकारी पाने के लिए महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते थे।
इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने Bhulekh Portal की शुरुआत की, ताकि आम नागरिक ऑनलाइन जमीन रिकॉर्ड (Land Records) देख सकें। यह पेज Bhulekh से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही जगह देता है — ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर जाने की ज़रूरत न पड़े।

Bhulekh Portal क्या है? (Bhulekh Meaning in Hindi)

Bhulekh एक डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्रणाली है, जिसके माध्यम से जमीन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाते हैं। यह प्रणाली राज्यों के राजस्व विभाग (Revenue Department) द्वारा संचालित की जाती है।
Bhulekh केवल एक वेबसाइट नहीं है, बल्कि यह पूरे Land Record Management System का डिजिटल रूप है, जिसमें शामिल होते हैं:
- जमीन मालिक का नाम
- खसरा नंबर
- खतौनी / जमाबंदी
- जमीन का रकबा और प्रकार
- जमीन के अधिकारों का रिकॉर्ड (Record of Rights – RoR)
Bhulekh पर दिखने वाला डेटा मूल रूप से तहसील कार्यालय, लेखपाल / पटवारी, राजस्व निरीक्षक द्वारा तैयार और सत्यापित किया जाता है।
सरल शब्दों में: Bhulekh जमीन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को देखने का डिजिटल माध्यम है।
Bhulekh क्यों शुरू किया गया? (Why Bhulekh Was Introduced)

Bhulekh शुरू होने से पहले जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह कागज़ी थे।
Bhulekh से पहले की मुख्य समस्याएँ:
- तहसील और लेखपाल के बार-बार चक्कर
- रिकॉर्ड में देरी और ग़लतियाँ
- दलालों पर निर्भरता
- जमीन विवाद
- पारदर्शिता की कमी

इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने Land Records Computerization Programme शुरू किया, जिसके अंतर्गत जमीन रिकॉर्ड को डिजिटल किया गया।
Bhulekh शुरू करने के मुख्य उद्देश्य:
- भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता
- आम नागरिक को सीधी जानकारी
- जमीन विवाद कम करना
- सरकारी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना
Bhulekh Portal से कौन-कौन सी जानकारी मिलती है?
Bhulekh Portal जमीन से जुड़ी लगभग सभी बुनियादी जानकारियाँ उपलब्ध कराता है।
Bhulekh पर उपलब्ध मुख्य जानकारी:
- जमीन मालिक का नाम
- खसरा नंबर
- खतौनी / जमाबंदी
- जमीन का कुल रकबा
- जमीन का प्रकार (कृषि / आवासीय / अन्य)
- भूमि अधिकार रिकॉर्ड (RoR)
यह जानकारी जमीन खरीदने, बेचने, जांच करने या विवाद से बचने में बहुत उपयोगी होती है।
Documents Explained
खतौनी (Khatauni) क्या होती है?
खतौनी जमीन मालिकाना हक से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होती है। यह Record of Rights (RoR) का एक प्रकार है।
खतौनी में सामान्यतः निम्न जानकारी होती है:
- जमीन मालिक का नाम
- खसरा नंबर
- जमीन का कुल क्षेत्रफल
- हिस्सेदारी (यदि एक से अधिक मालिक हों)
- भूमि का प्रकार
खतौनी का उपयोग:
- जमीन खरीद-फरोख्त
- बैंक लोन
- सरकारी योजनाएँ
- भूमि विवाद समाधान
जैसे कार्यों में किया जाता है।
खसरा नंबर क्या होता है? (Khasra Number)
खसरा नंबर जमीन की एक यूनिक पहचान संख्या होती है। हर खेत या प्लॉट को अलग-अलग खसरा नंबर दिया जाता है।
खसरा नंबर से आप जान सकते हैं:
- जमीन की सही लोकेशन
- जमीन का रकबा
- जमीन का प्रकार
खसरा नंबर जमीन के नक्शे (Bhunaksha) से भी जुड़ा होता है।
जमाबंदी क्या है?
जमाबंदी भूमि रिकॉर्ड का वार्षिक विवरण होता है। इसमें जमीन की स्थिति, मालिकाना हक और पिछले वर्ष के बदलाव दर्ज होते हैं।
जमाबंदी मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में प्रचलित है।
RoR (Record of Rights) क्या होता है?
RoR (Record of Rights) जमीन से जुड़े अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है।
इसमें यह दर्ज होता है:
- जमीन का मालिक कौन है
- जमीन पर किसका अधिकार है
- जमीन किस उपयोग में है
खतौनी और जमाबंदी, RoR के ही अलग-अलग रूप हैं।
7/12 और 8A क्या होते हैं?
कुछ राज्यों में भूमि रिकॉर्ड अलग नाम से जाने जाते हैं:
- 7/12 (सात-बारह) – जमीन मालिक और खेती की जानकारी
- 8A – जमीन का कुल रकबा और कर संबंधी विवरण
ये रिकॉर्ड मुख्यतः गुजरात और महाराष्ट्र में उपयोग होते हैं।
संबंधित जानकारी:
Bhulekh से जमीन मालिक का नाम कैसे पता चलता है?
Bhulekh Portal पर उपलब्ध रिकॉर्ड से आप यह जान सकते हैं कि किसी जमीन का मालिक कौन है।
इसके लिए सामान्यतः यह जानकारी चाहिए:
- जिला
- तहसील
- गांव
- खसरा या खतौनी नंबर
इन विवरणों के आधार पर जमीन मालिक का नाम रिकॉर्ड में दिख जाता है।
जमीन का रकबा और प्रकार कैसे पता चलता है?
Bhulekh में जमीन का:
- कुल क्षेत्रफल
- कृषि / गैर-कृषि स्थिति
- सरकारी / निजी भूमि
जैसी जानकारी भी दर्ज होती है। यह जानकारी जमीन खरीदते समय या सरकारी योजना के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
Bhunaksha क्या है? (Land Map)
Bhunaksha जमीन का डिजिटल नक्शा होता है, जिसमें हर खसरा नंबर की स्थिति दिखाई जाती है।
Bhunaksha से आप:
- जमीन की सीमाएँ देख सकते हैं
- आस-पास के प्लॉट समझ सकते हैं
- जमीन विवाद से बच सकते हैं
आज कई राज्यों में Bhunaksha ऑनलाइन उपलब्ध है।
Bhulekh मोबाइल से कैसे देखा जा सकता है?
Bhulekh Portal को मोबाइल फोन से भी आसानी से देखा जा सकता है।
मोबाइल से Bhulekh देखने के तरीके:
- मोबाइल ब्राउज़र
- राज्य की सरकारी वेबसाइट
- कुछ राज्यों की आधिकारिक मोबाइल ऐप
मोबाइल और कंप्यूटर पर रिकॉर्ड देखने की प्रक्रिया लगभग समान होती है।
Bhulekh का Data कितना Accurate होता है?
Bhulekh Portal पर दिखने वाला डेटा इस प्रक्रिया से आता है:
लेखपाल / पटवारी → तहसील → राजस्व विभाग → राज्य सर्वर → Bhulekh Portal
इसका मतलब:
- जमीन में कोई बदलाव पहले स्थानीय स्तर पर दर्ज होता है
- उसके बाद डिजिटल सिस्टम में अपडेट किया जाता है
Data Update में देरी क्यों होती है?
- नामांतरण (Mutation) प्रक्रिया पूरी न होना
- सरकारी सत्यापन लंबित होना
- सर्वर synchronization में समय लगना
इसी कारण कई बार:
- Registry हो चुकी होती है
- लेकिन Bhulekh में नाम update नहीं दिखता
Bhulekh real-time नहीं, बल्कि process-based system है।
Bhulekh बनाम Registry / Sale Deed
यह समझना बहुत ज़रूरी है कि Bhulekh और Registry एक चीज़ नहीं हैं।
| पहलू | Bhulekh | Registry / Sale Deed |
|---|---|---|
| प्रकृति | सूचनात्मक | कानूनी |
| उद्देश्य | जमीन की जानकारी | स्वामित्व हस्तांतरण |
| कोर्ट वैधता | सीमित | पूर्ण |
| बैंक लोन | सहायक | अनिवार्य |
सरल शब्दों में: Bhulekh = जानकारी, Registry = कानूनी मालिकाना हक
Bhulekh की कानूनी सीमाएँ
Bhulekh बहुत उपयोगी है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं।
Bhulekh उपयोगी है:
- जमीन की स्थिति जानने में
- प्रारंभिक जांच में
Bhulekh पर्याप्त नहीं है:
- जमीन की रजिस्ट्री
- कोर्ट में अंतिम प्रमाण
- बैंक लोन के लिए primary document
कानूनी कार्यों के लिए हमेशा प्रमाणित रिकॉर्ड आवश्यक होते हैं।
राज्य अनुसार भूमि रिकॉर्ड के नाम
भारत में भूमि रिकॉर्ड हर राज्य में अलग नाम से जाना जाता है।
| राज्य | भूमि रिकॉर्ड का नाम |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | खतौनी / खसरा |
| मध्य प्रदेश | खसरा / बी-1 |
| राजस्थान | जमाबंदी |
| गुजरात | 7/12, 8A |
| बिहार | जमाबंदी |
| ओडिशा | RoR |
| महाराष्ट्र | 7/12 |
Bhulekh से जुड़ी सामान्य समस्याएँ
आम समस्याएँ:
- वेबसाइट नहीं खुल रही
- सर्वर स्लो या डाउन
- रिकॉर्ड अपडेट नहीं दिख रहा
- नाम या विवरण गलत दिखना
ऐसी स्थिति में:
- कुछ समय बाद पुनः प्रयास करें
- संबंधित तहसील या लेखपाल से संपर्क करें
क्या Bhulekh पूरी तरह सरकारी है?
Bhulekh का डेटा सरकारी होता है, लेकिन इंटरनेट पर मौजूद हर वेबसाइट सरकारी नहीं होती।
ध्यान रखें:
- Bhulekh जानकारी के लिए है
- कानूनी कार्य के लिए प्रमाणित प्रति ज़रूरी है
- अंतिम सत्यापन सरकारी कार्यालय से ही करें
निष्कर्ष – Bhulekh क्यों जरूरी है?
Bhulekh Portal ने जमीन रिकॉर्ड को आम नागरिक के लिए सरल, पारदर्शी और सुलभ बना दिया है। अब जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं।
यह पेज आपको Bhulekh से जुड़ी पूरी और व्यावहारिक जानकारी एक ही जगह देता है — यही एक TRUE PILLAR PAGE की पहचान है।
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Bhulekh से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Bhulekh Portal एक डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्रणाली है जिससे जमीन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
Bhulekh का डेटा सरकारी होता है, लेकिन सभी वेबसाइट सरकारी नहीं होतीं। अंतिम सत्यापन हमेशा सरकारी कार्यालय से करें।
नहीं, Bhulekh केवल जमीन की जानकारी देता है। जमीन खरीदने के लिए रजिस्ट्री आवश्यक होती है।
नाम गलत होने पर तहसील या लेखपाल कार्यालय में सुधार के लिए आवेदन करना होता है।
यह राज्य और प्रक्रिया पर निर्भर करता है। Bhulekh real-time नहीं, बल्कि process-based system है।




